अध्याय (Chapter) 4 - धैर्य (Patience) औरयहतथ्यकिसभीचीजेंक्षणभंगुर (transient) हैं

एकनयाअध्याय (A new chapter)

हम इस नए अध्याय (chapter) की शुरुआत आपके एक अपग्रेडेड वर्जन (upgraded version) के साथ करते हैं। अब आप सवाल पूछते हैं, जवाब खोजते हैं, सूचना के स्रोतों (information sources) को सत्यापित करते हैं, और बेहतर सवालों की तलाश करते हैं। इस समय के दौरान, आप जानते और समझते हैं कि आप सकारात्मक (positive), तटस्थ (neutral), या नकारात्मक (negative) हैं, और जीवन आपके लिए खुशी और आनंद लाता है।

धैर्य (Patience) द्वारालायागयासंतुलन (balance)

यह नया अध्याय धैर्य (patience) और इसके फायदों के बारे में है। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, आंतरिक शांति और खामोशi (inner peace and quiet)। आप जानते हैं कि पृथ्वी पर सब कुछ बदलता है और कुछ भी टिकता नहीं है, इसलिए यदि आपके पास पर्याप्त धैर्य (patience) है, तो बुरा भी अच्छा बन जाएगा, और जब अच्छा समय आएगा तो उसका आनंद कहीं अधिक तीव्रता (intensely) से लिया जाएगा। आप इसे सामान्य चीज़ के रूप में नहीं, बल्कि कुछ खास (special) के रूप में देखेंगे।

सातभावनाओं (seven feelings) कोसमझना

हालाँकि, धैर्य (patience) प्राप्त करना आसान नहीं है। मुझे प्रिय एक किताब में, मैंने पढ़ा कि धैर्य का अर्थ है सात भावनाओं पर महारत हासिल करना: प्यार (love), नफरत (hate), खुशी (joy), चिंता (anxiety), पीड़ा (suffering), क्रोध (anger), और डर (fear)। इसका वास्तव में अर्थ है हर एक को महसूस करना, हर एक को समझना, और उनमें से प्रत्येक के संबंध में खुद को समझना।

अपनी आँखें बंद करें और इस भागदौड़ (Rush) को एक गूँज (Echo) की तरह महसूस करें। धैर्य (Patience) रखने का अर्थ है हर भावना (Feeling) का सम्मान करना, यह जानते हुए कि हम जो कुछ भी महसूस करते हैं वह क्षणभंगुर (Fleeting) और अनमोल (Precious) दोनों है।
अपनी आँखें बंद करें और इस भागदौड़ (Rush) को एक गूँज (Echo) की तरह महसूस करें। धैर्य (Patience) रखने का अर्थ है हर भावना (Feeling) का सम्मान करना, यह जानते हुए कि हम जो कुछ भी महसूस करते हैं वह क्षणभंगुर (Fleeting) और अनमोल (Precious) दोनों है।

स्वीकृति (acceptance) केमाध्यमसेमार्ग

आपको यह देखना होगा कि आपकी वृत्ति (instinct) आपको प्रत्येक भावना के अनुसार किस दिशा में ले जाने के लिए कहती है और फिर भी, इस प्रक्रिया के हर कदम का आनंद लेना होगा। आप ऐसा तभी कर सकते हैं जब आप इसे स्वीकार (accept) करें। यह सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन इसे हासिल करना कठिन है।

धैर्य (Patience) केप्रतिजागरूकता (Awareness)

धैर्य (patience) को दिन-ब-दिन, एक व्यवस्थित तरीके (systematic way) से बनाया जाना चाहिए। आपको अपना धैर्य विकसित करने के लिए एक समय निर्धारित करना होगा। मैं कुछ व्यावहारिक उदाहरण (practical examples) दूंगा, लेकिन मैं आपको प्रोत्साहित करता हूँ कि आप जिस भी प्रकार का अभ्यास (exercise) आपके लिए उपयुक्त महसूस करें, उसे विकसित करें और लागू करें। केवल दोहराव (repetition) और दृढ़ता (perseverance) के माध्यम से ही आप परिणाम प्राप्त करेंगे—एक तार्किक (rational) और धैर्यवान व्यक्ति बनेंगे।

इंतज़ार (waiting) केमाध्यमसेस्पष्टता (Clarity) आतीहै

इसके अलावा, धैर्य (patience) के बिना, आप अपने विचारों में स्पष्टता (clarity) प्राप्त नहीं कर सकते। धैर्य के बिना, आप कुछ स्पष्ट सवाल पूछेंगे और फिर पूछताछ का चरण (questioning stage) पूरा होने से पहले ही तुरंत जवाब खोजने लगेंगे। जवाबों के संबंध में, आप उनमें से दो को लेंगे और एक निष्कर्ष (conclusion) निकाल लेंगे। ये जल्दबाज़ी (impatience) से पैदा हुए गलत निष्कर्ष (erroneous conclusions) होते हैं। सकारात्मक (positive) और नकारात्मक (negative) के विश्लेषण में, आप सार (essence) को सत्यापित नहीं करेंगे, बल्कि केवल सतह (surface) को देखेंगे, और आपके निष्कर्ष सतही (superficial) होंगे।

एकव्यक्तितबतकनहींबदलताजबतकवहबदलनाचाहे (choose to change)

जैसा कि मैंने पहले कहा था, मैं आपको सिखा सकता हूँ कि एक तार्किक व्यक्ति (rational person) कैसे बनें, लेकिन मैं उस व्यक्ति को नहीं बदल सकता जो बदलना नहीं चाहता या जो इसमें कोई प्रयास (effort) नहीं करता। आइए उन अभ्यासों (exercises) पर वापस चलते हैं जिनकी मैं सिफारिश करता हूँ। अपने मन में एक हजार तक गिनें। जैसे ही आप प्रत्येक संख्या (number) कहते हैं, कल्पना करें कि वह अंक (digit) तरल, गरमा-गरम धातु (incandescent metal) में ढला हुआ है, और बोले जाने पर—जैसे कि हथौड़े से मारा गया हो—वह चिंगारियां (sparks) छोड़ता है।

अभ्यास की शांति (Silence of Practice) में, समय को एक नया अर्थ मिलता है। अनुशासन (Discipline) एक आनंदमय अनुभव (Joyful Experience) बन जाता है जब इसे एक खुले दिल (Open Heart) के साथ जिया जाता है।
अभ्यास की शांति (Silence of Practice) में, समय को एक नया अर्थ मिलता है। अनुशासन (Discipline) एक आनंदमय अनुभव (Joyful Experience) बन जाता है जब इसे एक खुले दिल (Open Heart) के साथ जिया जाता है।

व्यावहारिकप्रशिक्षणअभ्यास (Practical training exercises)

एक अन्य अभ्यास (exercise) में अक्षर (letters) शामिल हैं। एक अक्षर चुनें और उसी अक्षर को कागज की एक शीट पर लिखें (ठीक वैसे ही जैसे आप लिखना सीख रहे थे)। पूरा पेज भरें। एक अधिक हल्का-फुल्का अभ्यास: एक किताब लें और जांचें कि क्या पेज नंबरिंग (page numbering) सही है। आवंटित समय एक घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए, और गतिविधि, हालांकि उबाऊ (boring) हो सकती है, उसे सुखद बनाया जाना चाहिए। अभ्यास का परिणाम मिलने के लिए, इसे रोज़ाना (daily) किया जाना चाहिए।

सबकुछक्षणभंगुर (transient) है

इस दुनिया में सब कुछ बीत जाता है; यह इस पाठ (lesson) का दूसरा भाग और इसकी आवश्यकता है। कुछ भी एक ही रूप में नहीं रहता। दुनिया का नियम गति का नियम (law of motion) है, और आप उस गति के भीतर एक स्थिर बिंदु (fixed point) के रूप में अपना संतुलन (balance) पाते हैं। इसके लिए, दुनिया के परिवर्तनों की गति के बराबर गति पर बने रहने के लिए आपको निरंतर प्रयास (continuous effort) और काम की आवश्यकता है। इसके निहितार्थ (implications) कई हैं, और कुछ अद्भुत (wonderful) हैं। यह समझने के लिए कि मैं ऐसा क्यों कहता हूँ, इस तरह आप 300 साल तक जीवित रह सकते हैं, उसी गति से पुनर्जीवित (regenerating) हो सकते हैं जिस गति से टूट-फूट (wear and tear) होती है—समान गति (equal speed)। आपको बस उसी प्रकार की गति के भीतर और समय की रगड़ (wear of time) के समान गति के साथ एक स्थिर बिंदु (fixed point) के रूप में संतुलन खोजने की आवश्यकता है।

हथियार (weapons) केरूपमेंधैर्य (Patience) औरदृढ़ता (perseverance)


शायद बदलाव (change) और स्वीकृति (acceptance) के भीतर धैर्य का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव आंतरिक शांति (inner peace) है। यह जानकर कि आपके पास धैर्य (patience) है, आप दृढ़निश्चयी (persevering) बन जाते हैं। आपको 100 बार गलत होने में कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि, यदि आपके पास पर्याप्त धैर्य (patience) है, तो देर-सबेर आप सही होंगे। इसीलिए दृढ़ता (perseverance) भारी जंजीरों के साथ धैर्य से जुड़ी है। एक इंसान के रूप में आपके पूरे शस्त्रागार (ensemble) में दृढ़ता (perseverance) सबसे महत्वपूर्ण हथियारों में से एक है। दृढ़ता, वास्तव में, आपकी पसंद (choice) और आपके अपने निर्णय (decision) के प्रति आपके सम्मान से जुड़ी है।

आपकी इच्छाशक्ति (Will) के अलावा सब कुछ क्षणभंगुर (Fleeting) है। बदलाव के बीच खुद को एक स्थिर बिंदु (Still Point) बनाएँ और अपने शब्दों का सम्मान (Honor your word) करें; केवल तभी आप जीवन की इस धारा (Master the current) पर विजय पा सकेंगे।
आपकी इच्छाशक्ति (Will) के अलावा सब कुछ क्षणभंगुर (Fleeting) है। बदलाव के बीच खुद को एक स्थिर बिंदु (Still Point) बनाएँ और अपने शब्दों का सम्मान (Honor your word) करें; केवल तभी आप जीवन की इस धारा (Master the current) पर विजय पा सकेंगे।

अपनेस्वयंकेनिर्णय (decision) कासम्मान

यदि आपने कुछ तय (decided) किया है, तो आप अपनी बात का सम्मान करते हैं चाहे उसमें कितना भी समय लगे या आप कितनी भी बार कोशिश करें। हालाँकि, यदि आप अपनी बात (word) तोड़ते हैं, तो इसका मतलब है कि आपका तर्क (reasoning) गलत था, और आपको इसे सत्यापित (verify) करने के लिए शुरुआती निर्णय पर लौटना होगा। कुछ ऐसा था जिससे आप सहमत नहीं थे। दृढ़ता (perseverance), वास्तव में, एक निरंतर संघर्ष (continuous struggle) है। हार न मानना, न रुकना, आगे बढ़ना। मुझे हमेशा हंसी आती है जब मैं मोटिवेशनल वीडियो (motivational videos) देखता हूँ जिनमें संदेश होते हैं: "रुको मत! चाहे कुछ भी हो, चलते रहो! तभी तुम्हें सफलता (success) मिलेगी!"

तार्किकव्यक्ति (rational person) कासंतुलन (balance)

सिद्धांत (principle) अच्छा है, अभ्यास (practice) नहीं। हर समय केवल आगे बढ़ते रहना तार्किक व्यक्ति (rational person) को बाहर कर देता है। मैं आपसे कहता हूँ: रास्ते पर आगे बढ़ें, लेकिन समय-समय पर रुकें (stop)। सड़क के किनारे खड़े हों और पीछे मुड़कर देखें कि आपने कहाँ से शुरुआत की थी। देखें कि आप कितनी दूर आ गए हैं। आगे देखें कि आप कहाँ जाना चाहते हैं। मंजिल (destination) से ज़्यादा सफर (journey) को खूबसूरत समझने के बारे में सोचें; इस तथ्य के बारे में सोचें कि आपको सुंदर या बदसूरत चीजें मिलेंगी, कि आप गिरेंगे और उठेंगे और जारी रखेंगे। मैं आपसे पीछे मुड़कर देखने के लिए कहता हूँ ताकि आप हमेशा जान सकें कि आप कौन हैं।

निर्णय (decision) केमाध्यमसेपुनर्खोज (Rediscovery) औरपरिवर्तन

यह एक स्थानिक स्थानीयकरण (spatial localization) है जिसे आपको समय-समय पर करना चाहिए। खुद को अधिक सटीक रूप से फिर से खोजने (rediscover) के लिए, यह देखने के लिए कि आप क्या थे और आप क्या बन गए हैं, आप उस तरह कैसे बने, और खुद को स्वीकार (accept) करने के लिए। आपने खुद को बदल लिया है, आपने खुद को फिर से आविष्कृत (reinvented) किया है, इसलिए आप फिर से शुरू (start over) करते हैं और उस दिशा में बढ़ते हैं जो आपने तय की है। एक सलाह के रूप में, बदलाव (change) अपने आप होता है, लेकिन वह बदलाव जो आपके अपने निर्णय (decision) से आता है, वह कहीं बेहतर है।

धैर्य (Patience) काअर्थहैस्वीकृति (acceptance)

सांस लेने (breathing) के अलावा, कुछ भी तत्काल (urgent) नहीं है। इसलिए बस सांस लें, और बाकी विचार (thoughts) जिनसे निपटना "अनिवार्य" है, उन्हें अलग संदूकों (boxes) में इंतज़ार करने दें। आप उन्हें एक-एक करके बाहर निकाल सकते हैं, उनका विश्लेषण (analyze) कर सकते हैं, और उन्हें अपने मन की शेल्फ पर रखे संदूकों (boxes) में वापस रख सकते हैं। एक ही समय में कई संदूक न खोलें। उन्हें अलग-अलग लें, संदूक बंद (close the box) करें, और अगले पर बढ़ें। यह निर्धारित करें कि आपने संदूक कब बंद किया है, और वह विचार (thought) या विचार आपके अगले निर्णय तक दोबारा प्रकट नहीं होना चाहिए।

एकलफोकस (single focus) काअनुशासन (discipline)

यदि एक ही समय में दो विचार (thoughts) प्रकट होते हैं, तो देखें कि वे अपने संदूकों (boxes) में क्यों नहीं हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किस तरह का विचार है; मायने यह रखता है कि वह संदूक में नहीं है। आपका फोकस (focus) एक ही विचार और एक ही संदूक (box) पर होना चाहिए। यदि आपका ध्यान (attention) बँटा हुआ है, तो आप अब कुछ भी हल नहीं कर सकते, और हर विचार अपनी मर्ज़ी से काम करता है, जब चाहे तब प्रकट होता है। यदि आप व्यवस्था (order) चाहते हैं, तो संदूकों (boxes) को बंद करें। इसके लिए आपको धैर्य (patience) और समय की आवश्यकता है। आपको दृढ़ता (perseverance) की आवश्यकता है क्योंकि इसके प्रभाव बहुत कम या बिल्कुल नहीं दिखते, भले ही वे मौजूद हों।

अराजकता (Chaos) को अपना ध्यान (Focus) बिखरने न दें। अनावश्यक दराजों (Unnecessary Drawers) को बंद करके अपने मन पर महारत (Master your mind) हासिल करें और अपनी पूरी शक्ति उसी पर लगाएँ जो अभी मायने रखता है।
अराजकता (Chaos) को अपना ध्यान (Focus) बिखरने न दें। अनावश्यक दराजों (Unnecessary Drawers) को बंद करके अपने मन पर महारत (Master your mind) हासिल करें और अपनी पूरी शक्ति उसी पर लगाएँ जो अभी मायने रखता है।

मानसिकव्यवस्था (mental order) कीराह

मानसिक व्यवस्था (mental order) प्राप्त करने में दिन, सप्ताह, महीने या शायद साल बीत जाएंगे। लेकिन यह वह रास्ता है जिसे आपने चुना है, और इसका परिणाम आपके लिए बहुत कीमती (precious) है। यह आपका अपना एक अपग्रेड (upgrade) है। इसीलिए रास्ता लंबा और कठिन है, और बहुत कम लोग इस पर चलना चुनते हैं। फोकस (focus) और ध्यान (attention) विकसित करने के लिए धैर्य (patience) का उपयोग करना आवश्यक है। ध्यान के बिना, आप बहुत कम और केवल बहुत छोटे चरणों में ही हासिल कर सकते हैं, लेकिन निरंतरता (consistently) से किया गया कोई भी अभ्यास आपकी एकाग्रता की शक्ति (power of concentration) को बढ़ाएगा।

एकाग्रता (Focus)

धैर्य (patience) केमाध्यमसेफोकस (focus) विकसितकरना

फोकस (focus) और ध्यान (attention) के विकास के लिए धैर्य (patience) का उपयोग आवश्यक है। ध्यान (attention) के बिना, आप बहुत कम और केवल बहुत छोटे चरणों (stages) में ही कुछ हासिल कर सकते हैं। सौभाग्य से, आपके द्वारा किया गया कोई भी अभ्यास (exercise) आपके फोकस (focus) को विकसित करता है, और जैसे-जैसे आप अभ्यास की अवधि (duration) बढ़ाते हैं, यह और भी बेहतर होता जाता है। उदाहरण के तौर पर एक हजार तक गिनती करने के अभ्यास को लें—इसमें लगभग एक घंटा लगता है। एक घंटा जिसमें आप अपने विचारों (thoughts) को अपनी पसंद के लक्ष्य (target) की ओर निर्देशित करेंगे और अन्य विचारों को अस्वीकार (reject) करेंगे।

आपतयकरतेहैंकिआपकामन (mind) कहाँरहेगा

यह एक ऐसी प्रक्रिया (process) है जो पूरी तरह से आपकी है—नियोजित (planned), सोची-समझी और निष्पादित (executed)—और इसके परिणामों (results) का संग्रह केवल आपका है। आप इस अभ्यास की विशिष्ट प्रकृति (specific nature) को अपने से अपेक्षित अन्य गतिविधियों (activities) तक भी बढ़ा सकते हैं। भले ही योजना (planning) अब आपकी न हो, लेकिन निष्पादन (execution) और परिणाम (results) आपके ही रहते हैं। परिणाम का वास्तव में अर्थ है आपके मन का संगठन (organization of your mind)। एक विचार के पीछे भागने, फिर दूसरे की ओर दिशा बदलने के बजाय, आप अपने द्वारा स्थापित विचार पर एकाग्र (concentrated) रहेंगे।

घड़ी पर बीतते हुए सेकंड आपके पुनर्जीवित स्वयं (Rediscovered Self) की धड़कनें हैं। जब आप आग के इस नृत्य (Dance of the fire) में खुद को खो देते हैं, तो दुनिया की भागदौड़ (Rush) फीकी पड़ जाती है, और पीछे एक ऐसी शांति (Silence) रह जाती है जो उपचार (Heals) करती है और हमें फिर से बनाती है (Rebuilds)।
घड़ी पर बीतते हुए सेकंड आपके पुनर्जीवित स्वयं (Rediscovered Self) की धड़कनें हैं। जब आप आग के इस नृत्य (Dance of the fire) में खुद को खो देते हैं, तो दुनिया की भागदौड़ (Rush) फीकी पड़ जाती है, और पीछे एक ऐसी शांति (Silence) रह जाती है जो उपचार (Heals) करती है और हमें फिर से बनाती है (Rebuilds)।

कईविचारों (multiple thoughts) केchaos (अराजकता) सेबाहरनिकलना

लगातार कई लक्ष्यों (targets) का पीछा करने से ही आप अराजकता (chaos) पैदा कर सकते हैं। इसके बजाय, आपके पास व्यवस्था (order) होगी; आप प्रत्येक विचार का व्यक्तिगत रूप से विश्लेषण (analyze) करेंगे और उन निर्णयों (decisions) में विकल्पों की तुलना करेंगे जो हर प्रयास के साथ तेज़ी से तार्किक (rational) होते जाते हैं। सब कुछ क्षणभंगुर (transient) है, और आपकी धारणा (perception) इससे सहमत नहीं होगी क्योंकि यह ठोस, संगठित चीजों को देखती है जो टिकती हैं। मैं सहमत हूँ, वे टिकती हैं, लेकिन वे निरंतर परिवर्तन (constant change) और अनुकूलन (adaptation) के माध्यम से टिकती हैं, जो कभी-कभी लगभग अदृश्य (imperceptible) होता है।

समय (Time) केमाध्यमसेएकनज़र (look)

सब कुछ क्षणभंगुर (transient) है, और आपकी धारणा (perception) इस बात से सहमत नहीं होगी। यह सहमत नहीं होगी क्योंकि यह ठोस (solid) और व्यवस्थित चीजों को देखती है जो टिकती हैं। मैं सहमत हूँ, वे टिकती हैं। लेकिन वे परिवर्तन (change) और अनुकूलन (adaptation) के माध्यम से टिकती हैं। कुछ मामलों में, परिवर्तन बहुत तेज़ी से होता है, जबकि अन्य में, एक हल्का, निरंतर, लगभग अदृश्य (imperceptible) परिवर्तन होता है। शायद आपने शहरों, किलों (fortresses), या ऐसी अन्य इमारतों (edifices) का दौरा किया होगा।

इतिहास (history) मेंनिशानऔरसवाल (questions)

क्या आपने कभी सोचा है कि जब वे अपने अस्तित्व के उच्चतम बिंदु (highest point) पर थे, तब वे कैसे दिखते थे? वे कितने मज़बूत और टिकाऊ (durable) लगते थे? क्या आपको लगता है कि उन समय में रहने वाले लोगों ने सोचा था कि कुछ सौ सालों में, उनके किले (fortress) की केवल कुछ दीवारें ही बचेंगी? कि शायद वहां अब कोई नहीं रहेगा? क्या वे अब आपकी तरह (resemble) दिखते हैं? जैसे आप जिस शहर में रहते हैं, या अपने देश (country) को कुछ स्थायी (permanent) चीज़ के रूप में देखते हैं।

हमअपनेइतिहास (history) केबारेमेंबहुतकमजानतेहैं... लगभग 0.01%

मुझे हमारे ग्रह (planet) की उम्र नहीं पता—शायद 4, शायद 6 अरब साल, शायद उससे भी ज़्यादा। इसके इतिहास (history) से, हम मनुष्यों को केवल पिछले हज़ार वर्षों और कुछ चीज़ों के बारे में जानकारी है जो उससे थोड़ी पुरानी हैं। पृथ्वी पर मनुष्यों के निशान (traces) कई मिलियन वर्ष पुराने प्रतीत होते हैं। यदि हम प्रतिशत (percentages) में देखें, तो मुझे लगता है कि हम पूरे ग्रहीय इतिहास (planetary history) का लगभग 0.01% ही जानते हैं। इसलिए, हम अपने इतिहास का 99.99% हिस्सा नहीं जानते हैं, और फिर भी हम खुद को एक विकसित जाति (evolved race) के रूप में प्रमोट करते हैं।

पत्थरों की यह विशालता स्थिरता (Stability) का केवल एक भ्रम है। असली ताकत अनुकूलन (Adaptation) में निहित है: बदलाव (Change) हमें नष्ट नहीं करता, बल्कि यह हमें खुद को लगातार नए सिरे से गढ़ने (Reinvent ourselves) का मौका देता है।
पत्थरों की यह विशालता स्थिरता (Stability) का केवल एक भ्रम है। असली ताकत अनुकूलन (Adaptation) में निहित है: बदलाव (Change) हमें नष्ट नहीं करता, बल्कि यह हमें खुद को लगातार नए सिरे से गढ़ने (Reinvent ourselves) का मौका देता है।

उपहार (gift) औरअभिशाप (curse) केबीचसंतुलन (balance)

हम विकसित नहीं हैं। और यह तथ्य कि हम अपने इतिहास (history) का 99.99% हिस्सा नहीं जानते हैं, इस बात से साबित होता है कि सब कुछ बदलता है और कुछ भी वैसा ही नहीं रहता। यह उदाहरण हमें यह सोचने पर मजबूर कर देना चाहिए कि समय (time) के इस दौर में हम कितने छोटे हैं। इसे महसूस करना एक उपहार (gift) भी है और एक अभिशाप (curse) भी। इस दुनिया में हर पूर्ण चीज़ की तरह, अच्छाई (good) और बुराई (evil) इस पूर्णता (wholeness) को बनाने के लिए एकीकृत होते हैं। हर कदम के साथ, आप सोच सकते हैं कि यदि चीजें अभी कठिन हैं, तो इसका मतलब है कि वे अच्छी (good) भी होंगी।

एकप्रतिशत (one percent) कीशक्ति (power)

यह वास्तव में वह सकारात्मक दृष्टिकोण (positive attitude) होगा जिसमें आपको हमेशा टिके (anchored) रहना चाहिए। वह सकारात्मक दृष्टिकोण जो आशा (hope) और धैर्य (patience) से जुड़ा है। आशा (hope) कभी बुझनी नहीं चाहिए। वास्तव में, इसे कभी कम नहीं होने देना चाहिए। एक अच्छी अभिव्यक्ति (expression) है: "मैंने गणना (calculated) की है, और हमारे सफल होने की 1% संभावना (chance) है।" और वे अच्छी संभावनाएँ (good odds) हैं। (जाहिर है, अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि विफलता (failure) की 99% संभावना है)।

सब कुछ (Everything) का थोड़ा सा हिस्सा (A Little Bit)

सभी बदलावों और अस्थिरता के दौरान, आशा (hope) बनाए रखना और केवल आधे भरे गिलास को देखना—यानी यह देखना कि सफल होने पर क्या होगा—आपके जीने का तरीका बन जाता है। एक आशावादी और उम्मीद से भरा तरीका। आप यह कंट्रोल (control) नहीं कर सकते कि आपको जीवन में क्या मिलता है। आप केवल उसके प्रति अपने नज़रिया (attitude) और उसके साथ आप क्या करते हैं, इसे कंट्रोल कर सकते हैं। जो चीज़ वास्तव में क्षणभंगुर (transient) नहीं है, वह है आपका नज़रिया (attitude)। आप लगातार सकारात्मक (positive) और आशावादी बने रह सकते हैं।

बदलनेवालीचीज़ोंकाभ्रम (illusion)

अपने आप में, यह गति में एक संतुलन (balance in motion) है। आपको स्वीकार करना होगा कि आप इसकी तलाश में हैं। आप ऐसी चीज़ें खोजते हैं जो बदलती नहीं हैं, और आपकी आदतें (habits) और दिनचर्या (routines) इसका सबूत हैं। आप इनके माध्यम से खुद को बदलाव (change) से बचाने और अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने की कोशिश करते हैं। लेकिन सब कुछ बदलता है, और आदतों (habits) को भी बदलना चाहिए क्योंकि वे अपना महत्व खो देती हैं; वे अपना उद्देश्य (purpose) खो देती हैं। यह एक बड़ी गलती है जो ज़्यादातर लोग करते हैं। वे उन चीज़ों को पकड़ने की कोशिश करते हैं जो बदलती नहीं हैं, जबकि वे बनी ही उन चीज़ों से हैं जो बदलती हैं।

आदतें (Habits) औरमानसिकव्यवस्था (mental order)

वे सभी चीज़ें जो आप रोज़ाना करते हैं और मानते हैं कि वे आदतें (habits) आपको परिभाषित करती हैं, वास्तव में, किसी ऐसी चीज़ को ज़बरदस्ती बनाए रखने की कोशिशें हैं जो समय के साथ टिक नहीं सकतीं। वास्तव में, जो आप व्यवहार में तार्किक (rational) तरीके से करने की कोशिश करते हैं, आप अवचेतन रूप से (subconsciously) उसे मानसिक स्तर पर प्राप्त करने की आशा करते हैं। ये आदतें (habits) आपको व्यवस्था (order) और मानसिक शांति (mental peace) देने के लिए होती हैं। यही उनका उद्देश्य (purpose) है। उदाहरण के लिए नींद (sleep) को लें: आप रात में इसलिए नहीं सोते क्योंकि आपको सोना पसंद है; आप इसलिए सोते हैं ताकि आप तरोताज़ा (rested) और रिचार्ज (recharged) होकर जाग सकें।

कभी-कभी, सबसे सुंदर उपहार जो आप खुद को दे सकते हैं, वह है घड़ी के समय (Clock) को भूल जाना। अपने शरीर (Body) की सुनें और उसे तब आराम करने दें जब उसे ज़रूरत महसूस हो, उस शांति (Peace) को फिर से खोजें जिसे आप दिन की भागदौड़ (Rush) में भूल गए थे।
कभी-कभी, सबसे सुंदर उपहार जो आप खुद को दे सकते हैं, वह है घड़ी के समय (Clock) को भूल जाना। अपने शरीर (Body) की सुनें और उसे तब आराम करने दें जब उसे ज़रूरत महसूस हो, उस शांति (Peace) को फिर से खोजें जिसे आप दिन की भागदौड़ (Rush) में भूल गए थे।

आरामकीज़रूरतबनामसोनेकासमय (bedtime)

यदि कोई चार्जर (charger) होता, जैसे फोन के लिए, जो आपको एक घंटे में ऊर्जा से भर सके, तो शायद आप सोने (sleeping) की परवाह नहीं करते। शरीर को उम्र, ताकत, शारीरिक स्थिति और अन्य कारकों के आधार पर अलग-अलग अनुपात में नींद (sleep) की ज़रूरत होती है। हालाँकि, आपको हर दिन नींद की ज़रूरत नहीं है; आपको नींद की ज़रूरत तब होती है जब आप थके (tired) होते हैं, चाहे वह दिन या रात का कोई भी समय हो। बचपन से ही आपके साथ जो हेरफेर (manipulation) हुआ है, वह समय (time) को लेकर है। कि अब क्या समय हुआ है—सोने का समय (bedtime) या खाने का समय (mealtime)।

दिनकीप्राकृतिकलय (natural rhythm) मेंजीवन

कृपया कल्पना करें कि यदि आपके पास घड़ी (clock) न होती तो कैसा होता। कहीं भी नहीं—न आपके फोन पर, न लैपटॉप पर, न टीवी पर। आप दिन-रात के सिस्टम (day-and-night system) पर लौट आते। आप जानते हैं कि जब सूरज ढलता है तो दिन खत्म होता है और जब उगता है तो शुरू होता है। आप "X बजे" के बजाय किसी दोस्त से मिलने का समय तब तय करते जब सूरज आसमान में ऊंचा हो या शाम के समय। अब आपके पास खाने या सोने का कोई तय समय नहीं होता। जब आपको भूख (hungry) लगती तब आप खाते और जब आपको नींद (sleepy) आती तब आप सो जाते। सोचें कि घड़ी (clock) के बिना आपका जीवन कैसे बदल जाएगा।

घड़ी (clock) हेरफेर (manipulation) केएकसाधनकेरूपमें

क्योंकि, वास्तव में, यह पहुँच (access) ही समस्या है। मैं हमेशा यह मानूँगा कि पहनने वाली घड़ी (wearable clock) इंसान का सबसे खराब और सबसे हेरफेर वाला आविष्कार (manipulative invention) था। इसने मानवीय विचारों में एक बाधा खड़ी कर दी, जिससे "मैं क्या करना चाहता हूँ" या "मुझे क्या करने की ज़रूरत है" से बदलकर "मुझे क्या करना चाहिए" (what I must do) हो गया। यह कोई संयोग नहीं है कि आत्म-खोज (self-discovery) की हर यात्रा में, समय बताने वाले उपकरणों को त्यागना आवश्यक होता है। ये उपकरण आपका वर्तमान (present) चुरा लेते हैं और आपको एक ऐसी लय (rhythm) में रहने के लिए मजबूर करते हैं जो आपकी नहीं है, और आपको अपनी तार्किक ज़रूरतों (rational needs) से दूर कर देते हैं।

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नज़रिया (attitude) कासार (essence)

आइए संक्षेप में उन चीजों पर वापस लौटते हैं जो कभी बीतती नहीं हैं: चुने हुए अहसास या नज़रिया (attitudes)। वास्तव में, ये वे चीजें हैं जो आपको परिभाषित करती हैं और इस बड़े बदलाव (great change) में मायने रखती हैं। आदतें (habits) आपको परिभाषित नहीं करती हैं; वे आपको जकड़ती (shackle) हैं। इसके विपरीत, नज़रिया (attitude) आपको दिशा और आज़ादी (freedom) देता है।

आंतरिकनिर्णय (inner decision) कीशक्ति

यदि आप बहादुर (brave) बनना चाहते हैं—तो बहादुर होना चुनें और उस निर्णय पर अडिग रहें, चाहे कुछ भी हो और चाहे आप पहले कैसे भी रहे हों। वह मॉडल (model) चुनें जिसका आप पालन करना चाहते हैं, अपने आस-पास की दुनिया से नहीं, बल्कि अपने मन (mind) से। आप कैसा बनना चाहते हैं, यह चुनें, और यदि आप अपने निर्णय का सम्मान करते हैं, तो आप वैसे ही बनेंगे।

आपकेअपनेबदलाव (change) काडिज़ाइन (design)

हम अपनी कल्पनाओं (imaginings) का परिणाम हैं, इसलिए यदि आप अपना खुद का डिज़ाइन (design) बनाते हैं, तो आप वही बन सकते हैं। एक बार जब आप चुन लेते हैं कि आप क्या और कैसे बनना चाहते हैं, तो आप उसे प्राप्त करने के लिए ट्रेनिंग (training) कर सकते हैं। समय के साथ, धैर्य (patience) के साथ, आप सफल होंगे क्योंकि चीजें लगातार बदल रही हैं, लेकिन आप चुनते हैं कि वह बदलाव आपका अपना निर्णय (decision) हो।

आपका बदलाव (Transformation) कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि खुद से किया गया एक वादा है जिसे आपने निभाया है। जब आप अपना नज़रिया (Attitude) चुनते हैं, तो आप अपने अतीत (Past) से स्वतंत्र (Free) होने का चुनाव करते हैं और हर सांस के साथ अपनी खुद की कहानी (Write your own story) लिखते हैं।
आपका बदलाव (Transformation) कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि खुद से किया गया एक वादा है जिसे आपने निभाया है। जब आप अपना नज़रिया (Attitude) चुनते हैं, तो आप अपने अतीत (Past) से स्वतंत्र (Free) होने का चुनाव करते हैं और हर सांस के साथ अपनी खुद की कहानी (Write your own story) लिखते हैं।

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