अध्याय (Chapter) 7 - शारीरिकव्यायाम (Physical Exercises)

मूवमेंट (movement) केमाध्यमसेशारीरिकऔरमानसिकस्वास्थ्य

एक स्वस्थ शरीर में एक स्वस्थ मन (A healthy mind in a healthy body)। एक आदर्श कहानी की शुरुआत ऐसे ही होती है। असली कहानी कहती है कि कोई भी शरीर पूरी तरह स्वस्थ नहीं होता है, इसलिए, सबसे पहले, एक जनरल ओवरहॉल (general overhaul) करें—अपने पूरे शरीर के लिए मेडिकल टेस्ट (medical tests) के कुछ सेट करवाएं ताकि आप कागज़ पर लिख सकें कि क्या फंक्शनल (functional) है और क्या नॉन-फंक्शनल (non-functional) है। यह कोई गलती नहीं है, इसलिए हम इसे फिर से कहेंगे: हम पहले जो फंक्शनल (functional) है उसकी लिस्ट बनाते हैं, और फिर जो नॉन-फंक्शनल है उसकी।

अपनेशरीर (body) कीबातकैसेसुनेंजबउसेआपकीज़रूरतहो

मेडिकल सिस्टम (medical system) के संबंध में, हमें यह स्वीकार करना होगा कि वे शरीर में विभिन्न पदार्थों के परीक्षण (testing) और विश्लेषण (analyzing) में बहुत अच्छे हैं जो कुछ बीमारियों के लिए मार्कर (markers) के रूप में कार्य करते हैं। उपचार के तरीकों (treatment methods) के संबंध में, सब कुछ बदल जाता है क्योंकि अक्सर फाइनेंशियल इंटरेस्ट (financial interests) मरीज के स्वास्थ्य से ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं। यदि आपका स्वास्थ्य अनुमति देता है, तो आपको हर एक दिन शारीरिक व्यायाम (physical exercises) करना चाहिए।

आपका शरीर (Body) ही वह एकमात्र घर है, जिसमें आप वास्तव में हमेशा रहेंगे। दैनिक गतिविधियों (Daily Movement) के माध्यम से अपनी मांसपेशियों (Muscles) और जोड़ों (Joints) की देखभाल करें, और आप पाएंगे कि असली स्वतंत्रता (Freedom) उसी शरीर से आती है जो आपको अभी भी कहीं भी ले जा सकता है।
आपका शरीर (Body) ही वह एकमात्र घर है, जिसमें आप वास्तव में हमेशा रहेंगे। दैनिक गतिविधियों (Daily Movement) के माध्यम से अपनी मांसपेशियों (Muscles) और जोड़ों (Joints) की देखभाल करें, और आप पाएंगे कि असली स्वतंत्रता (Freedom) उसी शरीर से आती है जो आपको अभी भी कहीं भी ले जा सकता है।

आपकासबसेमूल्यवानसहयोगी: मूवमेंट (movement)

यह कोई बार-बार दोहराया जाने वाला क्लीशे (cliché) नहीं है, बल्कि एक सच्चाई है। आपका शरीर मांसपेशियों (muscles) और लिगामेंट्स (ligaments) से बना है। यदि उनका उपयोग नहीं किया जाता है, तो वे एट्रोफी (atrophy) यानी सिकुड़ जाते हैं, और जिस स्थान पर वे कभी थे, वहां शरीर (organism) उन्हें फैट (fat) से बदल देता है। हर विवरण में जाने का कोई मतलब नहीं है; आइए संक्षेप में कहें: शारीरिक गतिविधि (physical activity) इम्यून सिस्टम (immune system) और मेटाबॉलिक सिस्टम (metabolic system) के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार है।

वहशक्तिजोआपकेभीतरसेआतीहै

इसका मतलब यह है कि यदि आप लगातार नहीं हिलते (move), तो समय के साथ आप कम और कम हिलेंगे—यह आपकी पसंद के रूप में नहीं, बल्कि अक्षमता (inability) के कारण होगा। अलग से, शारीरिक गतिविधि (physical activity) के साइड इफेक्ट्स आत्मविश्वास (self-confidence) और आत्म-सम्मान (self-respect) के साथ-साथ सकारात्मक सोच (positive thinking) और शरीर का ऊर्जा स्तर (energy level) हैं। इस प्रकार, निम्नलिखित प्रश्न उठता है: क्या आप मज़बूत (strong), ऊर्जावान और सकारात्मक बनना चाहते हैं?

एककठिनरास्ता, लेकिनपुरस्कारों (rewards) सेभरा

यदि आपका उत्तर हाँ है, तो जान लें कि आपको समाधान पसंद नहीं आएगा। इसमें धैर्य (patience), दृढ़ता (perseverance), काम और पीड़ा (suffering) का नुस्खा शामिल होगा (मांसपेशियों का दर्द यानी muscle soreness इतना सामान्य हो जाना चाहिए कि आप खुशी के साथ इसका स्वागत करें, यह सोचते हुए कि यह आपको पीड़ित नहीं करता है, बल्कि आपको मज़बूत और अधिक शक्तिशाली बनाता है)। आप शायद कहेंगे कि आपके पास समय नहीं है। बेशक, वह एक झूठ (lie) है।

खुदकोथोड़ासमयउपहार (gift) मेंदें, सिर्फअपनेलिए

क्योंकि आप अपने दैनिक शेड्यूल (daily schedule) का एक हिस्सा खुद चुनते हैं। आइए वैसे भी आगे बढ़ें और आपके लिए कुछ समय खोजें: सुबह, काम और दायित्वों के शुरू होने से पहले, शारीरिक गतिविधि (physical activity) के लिए एक घंटा आवंटित (allocate) करें जो आप अपने लिए और अपने स्वास्थ्य (health) के लिए करते हैं। यदि आप 7 बजे काम पर निकलते हैं और 6 बजे जागते हैं, तो एक घंटा कम कर दें। सुबह 5 बजे जागें। क्या यह वाकई इतना बड़ा प्रयास (effort) है?

जिम (Gym) क्योंजाएंयाघरपरएक्सरसाइज (exercise) करें?

मूवमेंट (Movement) परएकअलगनज़रिया (perspective)

जब मैं फिजिकल मूवमेंट (physical movement) की बात करता हूँ, तो मेरा मतलब जिम (gym) जाना नहीं है, क्योंकि वहां यह ज़रूरी नहीं कि फिजिकल एक्टिविटी (physical activity) के बारे में हो, बल्कि सोशलाइजिंग (socializing), दूसरों से तुलना (comparing) और रिलैक्स (relaxing) करने के बारे में ज़्यादा होता है। मैं घर पर फिजिकल एक्टिविटी (physical activity) की बात कर रहा हूँ, और सबसे उपयोगी फिजिकल एक्टिविटी डांस (dancing) है। यह सबसे उपयोगी क्यों है? क्योंकि यह शरीर पर बहुत अधिक दबाव (pressure) डाले बिना सभी मसल ग्रुप्स (muscle groups) को ट्रेन (trains) करता है।

डांस (dance) सेमिलनेवालीखुशीऔरऊर्जा (energy)

एक ऊर्जावान अवस्था (energetic state) के रूप में, डांस के फायदों पर कई स्टडीज़ (studies) पब्लिश हुई हैं, जिनमें शामिल हैं: वेल-बीइंग (well-being), जीवन शक्ति (vitality), ऊर्जा (energy), नज़रिया (attitude), कम चिंता (reduced anxiety), और बेहतर इमोशनल मैनेजमेंट। यह सब बढ़े हुए आत्मविश्वास (self-confidence) का परिणाम है—जो, निश्चित रूप से, समय के साथ आता है जब आप गतिविधि को दोहराते हैं और देखते हैं कि आपकी मांसपेशियां (muscles) खूबसूरती से टोन (tone) होने लगी हैं।

सबसे अच्छा जिम (Gym) वही है जहाँ आप सबसे ज़्यादा सहज (At Ease) महसूस करते हैं। जब आपका वर्कआउट (Workout) सीधे आपके लिविंग रूम (Living Room) से शुरू होता है, तो बहाने (Excuses) गायब हो जाते हैं और केवल गतिविधि का आनंद (Joy of Movement) बाकी रह जाता है।
सबसे अच्छा जिम (Gym) वही है जहाँ आप सबसे ज़्यादा सहज (At Ease) महसूस करते हैं। जब आपका वर्कआउट (Workout) सीधे आपके लिविंग रूम (Living Room) से शुरू होता है, तो बहाने (Excuses) गायब हो जाते हैं और केवल गतिविधि का आनंद (Joy of Movement) बाकी रह जाता है।

एकमज़बूतशरीर (body) मेंआज़ाad मन (mind)

एक तार्किक व्यक्ति (rational person) के लिए, फिजिकल एक्टिविटी (physical activity) अनिवार्य (mandatory) है। रेशनल चॉइसेस (rational choices) पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना आवश्यक है, न कि एक कमज़ोर शरीर की समस्याओं पर जो समाधान के लिए मेंटल प्रायोरिटी (mental priority) की मांग करता है। यह किसी को ट्रेनिंग की उपयोगिता (utility) के बारे में समझाने के बारे में नहीं है; इसीलिए मैं इसे घर पर करने की सलाह देता हूँ। अकेले (Alone)।

प्राइवेसी (Privacy) औरखुदकेहोनेकीआज़ादी (freedom)

घर पर क्यों? क्योंकि आप आने-जाने (commute) का बहाना नहीं बना सकते—"मैं आज नहीं जा रहा क्योंकि यह बहुत दूर है।" आपकी मोटिवेशन (motivation) खराब नहीं होगी—आप जो करते हैं वह केवल अपने लिए और अपने स्वास्थ्य (health) के लिए करते हैं। आपको दूसरों की राय (opinions) की परवाह नहीं है, चाहे वह एक्सरसाइज बेहतर हो या न हो, और आपको इसकी परवाह नहीं है कि कौन कहता है कि आप अच्छे दिखते हैं या कौन कहता है कि आप नहीं।

डांस (Dance), सिर्फआपकेलिएएकजगह (space)

यदि आप अपने मूवमेंट (movement) के लिए डांस (dance) चुनते हैं, तो आप चुन सकते हैं कि आप कैसे नाचते हैं; यह केवल आपका निर्णय (decision) है। आप अपनी पसंद के गानों की एक प्लेलिस्ट (playlist) चुन सकते हैं और हर बार केवल उसी सेट को सुन सकते हैं, बिना किसी के यह शिकायत किए कि यह बोरिंग है। आप डांस के लिए उचित कपड़े पहन सकते हैं: स्पोर्टी, प्रोवोकेटिव (provocative), या, क्यों न हो, पजामे में। चुनाव आपका है।

आपखुदकेसबसेअच्छेट्रेनर (trainer) हैं

डांस (dance) की सिफारिश एक यूनिवर्सल (universal) सिफारिश है। लगभग हर कोई, उम्र की परवाह किए बिना, इस प्रकार की ट्रेनिंग (training) का अभ्यास कर सकता है। हालाँकि केवल डांस पर ही रुकना अच्छा नहीं है, बल्कि शरीर के जिस हिस्से को आप विकसित करना चाहते हैं, उसके लिए अभ्यासों (exercises) का एक सेट भी तैयार करें। अध्ययन करें कि किन मूवमेंट से कौन सी मांसपेशियां (muscles) ट्रेन होती हैं और अपना खुद का वर्कआउट (workout) लिखें।

आपकास्वास्थ्य (health) एकव्यक्तिगतयात्रा (journey) है

क्योंकि केवल आप ही अपनी परवाह करते हैं। यदि आप किसी इंस्ट्रक्टर (instructor) के पास जाते हैं, तो वे आपको अन्य चेले (apprentices) के साथ एक ही ग्रुप में डाल देंगे, बिना यह सोचे कि हर जीव (organism) अद्वितीय (unique) है। एक क्षेत्र में बेहतर विकसित, दूसरे में कमज़ोर; ट्रेनिंग की रेसिपी (recipe) व्यक्तिगत होनी चाहिए। वे यह नहीं समझेंगे कि यह मांसपेशियों (muscles) के बारे में नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य (health) के बारे में है। स्वास्थ्य का मतलब बहुत अधिक है।

प्रयास (Effort) केलिएउपलब्धता (Availability)

आराम (Comfort): आपकीप्रगति (progress) काछोटादुश्मन

चलिए आगे बढ़ते हैं। आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि आपने केवल ट्रेनिंग (training) के माध्यम से सब कुछ हल कर लिया है। आपको प्रयास (effort) करने की अपनी इच्छाशक्ति पर काम करना होगा। मनुष्यों में आराम (comfort) की ओर बहुत अधिक झुकाव (predisposition) होता है। आइए कुछ उदाहरण देखें। यदि आप किराने का सामान लेने दुकान जाते हैं, तो आप जितना संभव हो उतना पास पार्क (park) करने की कोशिश करते हैं, है ना? यही आराम (comfort) के प्रति झुकाव है। इतनी दूर तक भारी बैग क्यों ले जाना?

आधुनिकजीवनकेछोटेजाल (traps)

आराम खोजने का एक और तरीका: आप सोफे (couch) पर बैठकर अपने फोन से खाना ऑर्डर (order) करते हैं, ताकि वह आपके दरवाजे तक आ जाए। आप यह बहाना ढूंढते हैं कि आपके पास खरीदारी के लिए समय नहीं है, फिर भी आप ऑर्डर करने के बाद डिलीवरी (delivery) का इंतज़ार करते हुए सोशल मीडिया (social media) पर एक घंटा बिता देते हैं। आप ऑफिस पहुँचते हैं और कई सहकर्मियों के साथ मिलकर किसी को लंच (lunch) लाने के लिए भेजते हैं या उसे ऑर्डर करते हैं। एक्टिविटी (activity) से बचने के लिए कुछ भी। यह सब सिर्फ आराम (comfort) की खातिर। अगला कदम किसी ऐसे व्यक्ति को काम पर रखना होगा जो आपके लिए खाना चबा सके, ताकि आप चबाने की एक्टिविटी से भी बच सकें।

मंजिल (Destination) तक पहुँचने की जल्दी न करें; अपनी इस यात्रा (Journey) का आनंद लें। यहाँ तक कि पार्किंग लॉट (Parking Lot) में एक छोटी सी पैदल सैर भी आपकी इच्छाशक्ति (Will) की उस आराम (Comfort) पर जीत है, जो हमारी इंद्रियों (Senses) को सुला देता है।
मंजिल (Destination) तक पहुँचने की जल्दी न करें; अपनी इस यात्रा (Journey) का आनंद लें। यहाँ तक कि पार्किंग लॉट (Parking Lot) में एक छोटी सी पैदल सैर भी आपकी इच्छाशक्ति (Will) की उस आराम (Comfort) पर जीत है, जो हमारी इंद्रियों (Senses) को सुला देता है।

अपनेस्वयंकेविकल्पों (choices) केप्रतिईमानदारी (Honesty)

ऐसे कई उदाहरण हैं, और मैं मानता हूँ कि यदि आप ईमानदारी (honestly) से सोचेंगे, तो आपको ऐसी और भी स्थितियाँ मिलेंगी जहाँ आपने प्रयास (effort) के बजाय आराम (comfort) को चुना। अब मुझे आशा है कि आप समझ गए होंगे कि प्रयास करने की इच्छाशक्ति हासिल करने के लिए आपको किस पर काम करना है। खुद को धैर्य (patience) से लैस करें, क्योंकि ये चीजें रातों-रात (overnight) नहीं बदलतीं, और कोई शॉर्टकट (shortcuts) नहीं होता।

अपनेशरीरकीसुनेंऔरजल्दबाजी (rushing) सेबचें

जैसा कि मैं कह रहा था, यह एक लंबा और कठिन रास्ता है, लेकिन सच्चे पुरस्कारों (rewards) से भरा है। हालाँकि, मैं आपसे अपने शरीर (organism) के साथ जल्दबाजी (rush) न करने के लिए कहना चाहता हूँ। ठीक इसलिए क्योंकि सालों तक आराम (comfort) की ओर झुकाव वाले निर्णयों के बाद यह रातों-रात नहीं बदलता, जल्दबाजी करने से मांसपेशियों में खिंचाव (muscle tears) या अन्य चोटें (injuries) लग सकती हैं। इसलिए, रिकवरी (recovery) तक उस पल को टालना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक ज़रूरत बन जाएगी।

बड़ीउपलब्धियों (achievements) केलिएछोटेकदम

साथ ही, धैर्य (patience) को अच्छी तरह सीखें। मंथली टारगेट्स (monthly targets) सेट करें, फिर तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए। एक साल से ज़्यादा कभी नहीं, क्योंकि वह बहुत दूर है और आप निराशा (despair) में गिर सकते हैं, जहाँ आप कहेंगे कि यह बहुत कठिन है, बहुत दूर है, और उस लक्ष्य (target) तक पहुँचने का कोई तरीका नहीं है। यह 100 मंजिला इमारत की तरह है। यदि आप ऊपरी मंजिलों को देखते हैं, तो वे कठिन, यहाँ तक कि नामुमकिन (impossible) लगती हैं।

चढ़ेगएहरकदम (step) कीखुशी

यदि आप प्रत्येक मंजिल को व्यक्तिगत रूप से लेते हैं, हर उद्देश्य (objective) के लिए एक मंजिल चढ़ते हैं, तो आप कुछ हासिल करते हैं। समय के साथ। आपको एहसास होता है कि चाहे कितना भी समय लगे, आपके पास वहां पहुँचने की क्षमता (capacity) है। प्रत्येक मंजिल को एक उद्देश्य के रूप में लें और हमेशा केवल एक मंजिल, जब तक कि आप वह आत्मविश्वास (self-confidence) हासिल न कर लें कि यदि आप कदम दर कदम (step by step) चलेंगे, तो आप बहुत दूर तक जाएंगे।

मुझेक्यामिलेगा (What do I earn) औरकितनेसमयमें?


आपऊर्जा (energy) कोशक्ति (power) मेंकैसेबदलतेहैं

आइए फिजिकल एक्टिविटी (physical activity) को आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन के रूपांतरण (transformation) के साथ जोड़ें। अपनी गतिविधियों और वर्कआउट (workouts) के दौरान, आप ऊर्जा (energy) खर्च करते हैं। आपकी अपनी ऊर्जा, जो आपके शरीर द्वारा आपके द्वारा ग्रहण किए गए मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (macronutrients) को प्रोसेस करने के परिणामस्वरूप पैदा होती है। किसी भी जीव (organism) की तरह, आप अनुकूलनक्षम (adaptable) और आराम-पसंद (comfort-oriented) हैं। इसका मतलब है कि एक बार जब आप डिमांडिंग एक्टिविटीज (demanding activities) का एक सेट पूरा कर लेते हैं, तो आपका शरीर नए नियम (new rules) स्थापित करेगा।

वेसंकेत (signals) जोआपअपनेशरीरकोभेजतेहैं

यदि एक्टिविटी डिमांडिंग (demanding) थी, तो आपका एनर्जी लेवल (energy levels) बढ़ जाएगा, मांसपेशियों की क्षमता (muscle capacity) बढ़ेगी, ब्लड फ्लो (blood flow) में सुधार होगा, और बहुत कुछ। यदि आप गतिविधि को दोहराते हैं, तो शरीर इन नए नियमों को बनाए रखेगा, लेकिन यदि आप रुक जाते हैं और इसे नहीं दोहराते हैं, तो यह उन्हें वापस कम (scale back) कर देगा। वास्तव में, यह आराम के प्रति शरीर की प्राकृतिक प्रवृत्ति है: यदि कोई गतिविधि कठिन है, तो शरीर हर दोहराव (repetition) के साथ इसे आसान बना देगा जब तक कि यह आरामदायक (comfortable) न हो जाए।

अपने शरीर (Body) की सुनें; वह सबसे बेहतर जानता है कि उसे किस चीज़ की ज़रूरत है। गतिविधि (Movement) का मतलब प्रदर्शन (Performance) नहीं है; बल्कि यह उस कल्याण (Well-being) की भावना के बारे में है जो आप तब महसूस करते हैं जब आप अपने साथ सामंजस्य (Harmony) में होते हैं।
अपने शरीर (Body) की सुनें; वह सबसे बेहतर जानता है कि उसे किस चीज़ की ज़रूरत है। गतिविधि (Movement) का मतलब प्रदर्शन (Performance) नहीं है; बल्कि यह उस कल्याण (Well-being) की भावना के बारे में है जो आप तब महसूस करते हैं जब आप अपने साथ सामंजस्य (Harmony) में होते हैं।

एकमज़बूतशरीर (organism) कीओरमार्ग

निरंतर गतिविधि आपके शरीर को मज़बूत होने के लिए मजबूर करेगी ताकि गतिविधि की असुविधा (discomfort) कम हो जाए। समय के संबंध में, यह आमतौर पर 6 से 9 महीनों की निरंतर और काफी इंटेंस एक्टिविटी (intense activity)—सप्ताह में 5 दिन, 1-2 घंटे की ट्रेनिंग अवधि—के बीच होता है। इस अवधि के बाद, एक्सरसाइज का स्तर डिमांडिंग से स्वीकार्य (acceptable) स्तर पर आ जाता है, और यह एक संकेत (signal) है कि आप मज़बूत हो गए हैं।

वहचुनौती (challenge) जोआपकोबढ़नेमेंमददकरतीहै

वह वह क्षण है जब आपको अपने वर्कआउट (workout) में कुछ नया जोड़ना चाहिए ताकि इसे फिर से डिमांडing बनाया जा सके। "डिमांडिंग" (Demanding) का वास्तव में अर्थ है कि इसके लिए आपको विकसित होने, और मज़बूत बनने की आवश्यकता है। यहीं पर वह नियम लागू होता है: यदि आप जिस रास्ते (path) पर हैं वह बहुत आसान है, तो इसका मतलब है कि आप गलत रास्ते (wrong path) पर हैं।

मानसिकनिर्माण (Mental construction)

आपकेभीतरजीवनमेंआतीऊर्जा (energy) औरशक्ति (strength)

शारीरिक विकास (Physical development) के साथ-साथ ऊर्जा का विकास (energy development) भी होता है। चार्ज/डिस्चार्ज चक्र (charge/discharge cycles) अधिक तीव्र हो जाते हैं, और इस प्रकार आप अधिक ऊर्जा स्टोर करेंगे, पैदा करेंगे और उपयोग करेंगे। ऊर्जा सुखद होती है और इसके विभिन्न उपयोग हो सकते हैं। विचार करें कि दृढ़ता (perseverance) वास्तव में क्या है। जैसा कि मैंने कहा, 6 महीने इतनी आसानी से नहीं बीतते। लेकिन 6 महीने जिनमें आप दर्द (pain) में हैं, आप पीड़ित हैं, और आप अपने पूरे शरीर को बदलते हुए महसूस करते हैं, वे और भी लंबे महसूस होंगे।

वास्तविकपरिवर्तनदेखनेकाधैर्य (patience)

यहाँ बड़े परिदृश्य (big picture) को देखने के कई तरीके हैं। पहला यह होगा कि परिणामों का विश्लेषण (analyze) केवल एक लंबे अंतराल (longer interval) पर किया जाए। चमत्कार रातों-रात नहीं होंगे, लेकिन मान लीजिए कि 30 दिनों में आपको कुछ बदलाव दिखाई देंगे। यदि आप हर दिन देखेंगे, तो आपको कोई सुधार नज़र नहीं आएगा। बड़े परिदृश्य (big picture) को ट्रैक पर रखने के लिए, मैं आपको एक महत्वपूर्ण टिप (tip) दूंगा: जब आपका शरीर मांगे, तब ब्रेक (break) लें।

अपनेशरीर (body) कीबातएकप्रियमित्रकीतरहसुनें

रिकवरी (recovery) के लिए एक ब्रेक उपयोगी है और यह एक आंतरिक रिपोर्ट (internal report) है जो आपको प्राप्त होती है। यदि आप अपने शरीर (organism) द्वारा मांगे गए ब्रेक को नज़रअंदाज़ करते हैं, तो आप बहुत अधिक धक्का (push) दे सकते हैं और ठीक होने के लिए टोटल शटडाउन (total shutdown) की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए, बेहतर है कि पॉज़ (pause) बटन दबाएं और बड़े परिदृश्य को एक दिन के लिए स्थिर रहने दें, बजाय इसके कि कई हफ्तों के ब्रेक के लिए मजबूर होना पड़े। एक और तरीका जिस पर आपको विचार करना चाहिए, वह आपके मानसिक निर्माण (mental construction) से संबंधित है।

अपने खुद के संसार का केंद्र (Center) बनना सीखें, भले ही आपके आसपास कितना ही शोर (Noise) क्यों न हो। यह इस बारे में नहीं है कि दूसरे क्या कहते हैं, बल्कि उस शांति और शक्ति (Peace and Strength) के बारे में है जो आप हर प्रयास के बाद अपने भीतर पाते हैं।
अपने खुद के संसार का केंद्र (Center) बनना सीखें, भले ही आपके आसपास कितना ही शोर (Noise) क्यों न हो। यह इस बारे में नहीं है कि दूसरे क्या कहते हैं, बल्कि उस शांति और शक्ति (Peace and Strength) के बारे में है जो आप हर प्रयास के बाद अपने भीतर पाते हैं।

आपहीअपनीएकमात्रसच्चीप्रेरणा (motivation) हैं

आपको यह महसूस करना चाहिए कि आप यह केवल अपने लिए कर रहे हैं। आपको यह समझना चाहिए कि कोई और आपके या आपके प्रशिक्षण (training) के बारे में क्या कहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि वे बातें करेंगे। आप इस बारे में निश्चिंत हो सकते हैं। वे नफरत (hate) और ईर्ष्या (envy) से बोलेंगे। वे वास्तव में आपसे नफरत नहीं करते; वे खुद से नफरत करते हैं। आप उनका उदाहरण (example) बन जाते हैं क्योंकि आप अपने लिए कुछ कर रहे हैं और प्रयास (effort) कर रहे हैं, और वे ऐसा करने में असमर्थ हैं।

आपकीशक्तिदूसरोंकोप्रेरित (inspire) करेगी

चूंकि वे आपको बेहतर बनने के लिए प्रयास (effort) करते हुए देखते हैं और वे ऐसा करने में असमर्थ हैं, इसलिए वे आपको हतोत्साहित (discourage) करने की कोशिश करेंगे। यदि आप सफल होते हैं, अपनी दिशा बनाए रखते हैं, और बेहतर और मज़बूत बनते हैं, तो वे आपके नक्शेकदम (footsteps) पर चलने के लिए मजबूर होंगे। शायद आपसे सलाह (advice) भी मांगें। वह वह क्षण होता है जब सारी बुराई के बाद, वे वास्तव में स्वीकार करते हैं कि वे आपकी तुलना में नौसिखिए (beginners) हैं।

आपकीआंतरिकसफलताकीनींव (foundation)

यह वह मानसिक निर्माण (mental construction) है जिसे आपको बनाना चाहिए: धैर्य (patience), दृढ़ता (perseverance), और अपने चुने हुए रास्ते (chosen path) को चुनने और उसका सम्मान करने में जागरूकता (awareness)।

नीचेसेशुरूकरेंऔरऊपर (top) तकपहुँचें

जोड़ों (Joints) काराज़: दोहराव (repetition)

आइए वर्कआउट (workout) में क्या शामिल है, उस पर थोड़ा वापस चलते हैं। मैं ऐसी किसी भी चीज़ की सलाह देता हूँ जिसमें मूवमेंट (movement) शामिल हो; हालाँकि, जब आप एक्सरसाइज (exercises) चुनते हैं, तो उन चीज़ों से शुरू करें जो जोड़ों (joints) को ट्रेन करती हैं। जहाँ तक जोड़ों की बात है, हमारे पास हैं: टखने (ankle), घुटने (knee), कूल्हे (hip), कंधे (shoulders), कोहनी (elbows), कलाई (wrist), गर्दन (neck), उंगलियां (fingers) और जबड़ा (jaw)। रोटेशन्स (rotations), स्ट्रेच (stretches), या किसी अन्य तत्व का उपयोग करें जो जोड़ों (joint) की मदद करता है। इन्हें बार-बार (repetitively) किया जाना चाहिए, लेकिन बिना किसी दबाव या वजन (weights) के। पूरी तरह से जोड़ों पर काम करने के लिए।

अपनेशरीरकीमरम्मत (repairing) औरदेखभाल (caring)

मान लीजिए आपने गर्दन घुमाई (neck rotation) और वह चटकी (cracked)। यही वह चीज़ है जिसे आप साफ़ करने, मरम्मत (repair) करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि आप दिन में 30 बार गर्दन घुमाते हैं, तो यह लगभग 2 साल तक चटकती रहेगी। उसके बाद, यह ऐसे हिलेगी जैसे इसमें अच्छी तरह तेल (well-oiled) लगा हो। समय के साथ, आप देखेंगे कि इसके फायदे तेज़ी से दिखाई देने लगे हैं। मैं मानव शरीर (human organism) की जटिलता की ओर इशारा किए बिना नहीं रह सकता। यदि आप इससे मांगें, तो यह चमत्कारिक काम करता है। आपको इसे दिखाना होगा कि आपको क्या चाहिए।

आपकी ताकत की गुणवत्ता (Quality of Strength) दोहराव (Repetition) से पैदा होती है, तनाव (Strain) से नहीं। मन लगाकर (Mindfully) व्यायाम करने का चुनाव करें और हर गतिविधि को मन और शरीर के बीच भरोसे का एक पुल (Bridge of Trust) बना दें।
आपकी ताकत की गुणवत्ता (Quality of Strength) दोहराव (Repetition) से पैदा होती है, तनाव (Strain) से नहीं। मन लगाकर (Mindfully) व्यायाम करने का चुनाव करें और हर गतिविधि को मन और शरीर के बीच भरोसे का एक पुल (Bridge of Trust) बना दें।

मन (mind) औरदर्द (pain) केबीचसंवाद (dialogue)

आपको अपने शरीर को यह दिखाना होगा कि वर्कआउट करने के लिए आपको अपने जोड़ों (joints) की ज़रूरत है। आप इसे कैसे दिखाते हैं? दर्द (pain) के माध्यम से। शरीर तभी कार्रवाई करता है जब उसे दर्द होता है। तभी वह उस दर्दनाक जगह को मज़बूत करेगा और उसकी मरम्मत (repair) करेगा ताकि भविष्य में वह और अधिक मज़बूत (stronger) हो जाए। आप इस लक्ष्य (objective) को तब चुनते हैं जब आप चुनते हैं कि आपको कौन सी गतिविधि करनी है।

मानवअनुकूलन (adaptation) कीअसीमितशक्ति (power)

यदि आपको लगता है कि आप कुछ नहीं कर सकते, तो शायद आपको उस महिला का उदाहरण लेना चाहिए जो 9 महीने तक प्रेग्नेंसी (pregnancy) को संभालती है। उन 9 महीनों के दौरान, शायद आपको उन अविश्वसनीय बदलावों (changes) के बारे में पढ़ना और समझना चाहिए जिन्हें वह हासिल कर सकती है। तब, शायद आप समझेंगे कि आपके ढलने (adaptation) के प्रयास सफल होंगे, क्योंकि आपके जीव (organism) की सीमा बहुत ऊँची है। साथ ही, रिकवरी (recovery) अविश्वसनीय है; आप उसी महिला का उदाहरण ले सकते हैं जो बच्चे को जन्म देने के कुछ ही महीनों बाद अपनी सभी गतिविधियाँ फिर से शुरू कर देती है।

लंबेसमयतकचलनेवालेपरिणामों (results) केलिएछोटेकदम

हम इंसान हैं, चाहे पुरुष हों या महिला; इसलिए, ढलने की क्षमता (capacity for adaptation) समान है। आपको बस चुनना है, उसे चाहना है, और अपने रास्ते पर चलना है। जोड़ों के बाद, आप मांसपेशियों (muscles) से शुरू कर सकते हैं, लेकिन लक्ष्य को हमेशा अपनी नज़र में रखना उपयोगी होगा। आपको एक साथ 20 किलो उठाने की ज़रूरत नहीं है। मांसपेशी (muscle) बढ़ाने के लिए, आपको एक उच्च गुणवत्ता वाला, बिना ज़बरदस्ती वाला मसल फाइबर (muscle fiber) बनाने के लिए 1 किलो को 20 बार उठाना होगा।

हरमूवमेंट (movement) केसाथमनकोजोड़ना (Uniting)

ताकत (force) के बजाय दोहराव (repetition) चोट (injury) के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है। आगे बढ़ें और जटिल शारीरिक गतिविधियाँ (physical activities) चुनें जहाँ मूवमेंट के साथ-साथ आप उन रणनीतियों (strategies) को खोजने के लिए अपने दिमाग (mind) का भी उपयोग करें जिन्हें शरीर को लागू करना चाहिए। खेल (sports) इनमें से एक प्रकार की गतिविधि है, जिसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों के हिसाब से अलग-अलग फायदे होते हैं, लेकिन सभी में एक चीज़ समान होती है: सचेत और पूर्ण क्रिया में मन-शरीर का एकीकरण (mind-body unification)। इसे हासिल करना शायद सबसे महत्वपूर्ण बात है।


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